दोपहर
17th Nov 2006, 08:15 GMT
बाहर वीरानी थी. शायद दोपहर होने की वजह से. लेकिन उन दोनों के भीतर की वीरानी उससे भी ज़्यादा भयावह थी. लड़की सोच रही थी कि अगर उसे जाना था तो चला क्यों नहीं गया...पीयूष दईया की कहानी.
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